क्या आप अपने जीवन मे लगातार किसी न किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे है? क्या एक समस्या समाप्त होने के बाद दूसरी आ जाती है? आप जो भी महत्वपूर्ण निर्णय लेते है वो सही साबित नहीं हो रहे है? यह सब एक साथ होना केवल संयोग नहीं हो सकता है। यह सब कुंडली मे राहु के नीचे या नीच का राहु के लक्षण हो सकते है। राहु एक छाया ग्रह है, जिसे देखा नहीं जा सकता, किन्तु उसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन बहुत अधिक पड़ता है। आज इस लेख के माध्यम से जानेंगे की नीच का राहु क्या है? इसके लक्षण क्या होते है? और उसे किन उपायो को अपनाकर इस दोष को दूर किया जा सकता है?
राहु दोष क्या है?
ज्योतिष शास्त्र मे राहु को छाया ग्रह माना जाता है। छाया ग्रह वह ग्रह होते है, जिनका कोई भौतिक स्वरूप नहीं होता है, लेकिन उनकी स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत ज्यादा होता है। कुंडली मे राहु की स्थिति शुभ न होने के कारण राहु दोष बनता है। इस दोष के कारण व्यक्ति को हर क्षेत्र मे समस्याओ और बाधाओ का सामना करना पड़ता है।
राहु के लक्षण
- इस दोष के कारण व्यक्ति भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाता है।
- व्यक्ति को अत्यधिक मानसिक तनाव होता है।
- पारिवारिक और वैवाहिक संबंधो मे परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- व्यक्ति के जीवन मे अनचाही घटनाए या बाधाओ का सामना करना पड़ता है।
- माता पिता से संबंध सही नहीं होती है।
- आत्मविश्वास मे कमी आती है।
- व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
- व्यवसाय या नौकरी मे बार बार असफलता का सामना करना पड़ता है।
- अचानक से धन की हानि होने लगती है।
- नकारात्मक विचारो का बार बार आना।
- कानूनी विवाद के मामलो का सामना करना पड़ता है।
नीच का राहु क्या है?
कुंडली मे राहु दोष तो राहु की स्थिति शुभ न होने के कारण बनता है। किन्तु नीच का राहु कुंडली मे तब बनता है, जब राहु कुंडली मे नीच राशि जैसे वृश्चिक या मीन जैसी राशियो मे। इन राशियो मे राहु की स्थिति शुभ न हो और वो इन कमजोर राशियो मे स्थित हो तब कुंडली मे नीच का राहु के योग बनते है।
नीच का राहु के क्या लक्षण होते है?
नीच का राहु होने के निम्नलिखित लक्षण होते है-
- व्यक्ति की जन्मकुंडली मे राहु का कमजोर या नीच स्थिति मे होना।
- अचानक से हर काम मे असफलता मिलना।
- अपमान का सामना करना।
- लगातार मानसिक तनाव रहता है।
- मन मे किसी प्रकर का भय सदैव बना रहता है।
- व्यवसाय मे लगातार हानि का ही सामना करना पड़ता है।
- व्यक्तिगत और पारिवारिक संबंधो मे तनाव की स्थिति बन जाती है।
राहु शांति मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
प्रतिदिन स्नान के पश्चात 108 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
नीच का राहु के उपाय
नीच का राहु के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए निम्नलिखित उपायो को अपनाना चाहिए-
- भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
- शनिवार या अमावस्या के दिन काली उड़द, काला तिल या काले वस्त्र का दान करना चाहिए।
- गरीबो को भोजन कराना लाभकारी होता है।
- मंगलवार और शनिवार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
- हनुमान जी को चोला चढ़ाना चाहिए।
- शनि मंदिर मे शनिवार के दिन सरसों के तेल के दीपक मे अपनी स्वयं की परछाई देखकर जलाना चाहिए।
- विद्वान ज्योतिष की सलाह से गोमेद रत्न पहनना चाहिए।
- किसी नाग मंदिर मे जाकर सर्प देवता की पूजा करनी चाहिए।
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
नीच का राहु से कैसे मुक्ति पाये?
नीच का राहु से सदैव के लिए मुक्ति पाने के लिए राहु शांति पूजा की जाती है। यह पूजा एक महत्वपूर्ण पूजा अनुष्ठान है, जिससे नीच का राहु और राहु दोष से सदैव के लिए मुक्ति मिल जाती है। यह पूजा विशेष मंत्रो, विधियो और हवन के माध्यम से सम्पन्न की जाती है। पूजा करने से राहु दोष से मुक्ति मिल जाती है।
राहु शांति पूजा की प्रक्रिया
पूजा की प्रक्रिया निम्नलिखित है-
- सबसे पहले पूजा का समय निश्चित किया जाता है।
- पूजा से पहले स्नान करना चाहिए।
- पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध किया जाता है।
- राहु के बीज मंत्र का जाप किया जाता है।
- राहु यंत्र की स्थापना की जाती है।
- मंत्र जाप के बाद हवन किया जाता है।
- हवन के बाद तिल, लोहे के बर्तन, नीले वस्त्र, काले चने और सफ़ेद उड़द का दान करना चाहिए।
पूजा के दौरान किन बातो का ध्यान रखना चाहिए?
पूजा के दौरान पूजा करने वलर व्यक्ति को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-
- पूजा सही विधि और पूर्ण समर्पण के साथ करनी चाहिए ताकि पूजा का प्रभाव बढ़ सके।
- यह एक महतपुर्ण पूजा अनुष्ठान है, इसलिए यह पूजा अनुभवी पंडित जी द्वारा ही करवानी चाहिये।
- पूजा करते समय मन को एकाग्र रखना चाहिए। मन को पूरा पूजा मे ही लगाना चाहिए।
- पूजा करते समय नकारात्मकता से बचना चाहिए। गलत विचार या कोई गलत कार्य नहीं करना चाहिए।
- पूजा के बाद सात्विक भोजन जब तक हो सके तब तक सात्विक भोजन करना चाहिए।
राहु शांति पूजा के बाद क्या लाभ होते है?
राहु शांति पूजा से होने वाले लाभ निम्नलिखित है-
- व्यक्ति मे आत्मविश्वास बढ़ता है।
- निर्णय लेने की क्षमता मे व्रद्धि होती है।
- नौकरी, व्यवसाय से संबन्धित समस्याए समाप्त होती है।
- मानसिक शांति मिलती है।
- पूजा करने से राहु दोष के साथ कालसर्प दोष भी समाप्त होता है।
- कर्जे से मुक्ति मिलती है।
- नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
- दोष के कारण वैवाहिक जीवन मे आ रही बाधाए दूर होती है।
- पारिवारिक संबंध मधुर होते है।
- कानूनी समस्याओ से मुक्ति मिलती है।
राहू शांति पूजा उज्जैन मे करने का महत्व
मान्यता है की उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी है, यहां पर किसी भी प्रकार की पूजा को करने से उसका असंख्य गुना फल मिलता है। यहा पर की गयी पूजा से से शीघ्र ही दोषो से मुक्ति मिल जाती है, जिससे जीवन मे सुख शांति आती है।
राहु शांति पूजा खर्च
पूजा की लागत पूजा की सामग्री पर निर्भर करती है। यदि आप सामग्री की व्यवस्था स्वयं करते है, तो पूजा का खर्च कम हो जाता है। किन्तु आप पूजा की सामग्री की व्यवस्था नहीं कर पा रहे है तो पूजा सामग्री की पूरी व्यवस्था पंडित जी द्वारा कर ली जाती है। जिसके कारण पूजा का खर्च बढ़ जाता है। पंडित जी से संपर्क करके आप पूजा मे आने वाले खर्च के बारे मे समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते है।
राहु शांति पूजा कैसे बुक करे?
नीच का राहु से मुक्ति पाने के लिए राहु शांति पूजा की जाती है। राहु शांति पूजा करवाने के लिए आप पंडित मयंक शर्मा जी से संपर्क कर सकते है। पंडित जी को 9 वर्षो से अधिक समय से नीच का राहु और राहु दोष, मंगल दोष और अन्य दोषो को दूर करने के लिए की जानी वाली पूजाओ का अनुभव प्राप्त है। पूजा बुक करने के लिए नीचे दी हुयी बटन पर अभी क्लिक करके पंडित जी से संपर्क करे।