चकषुशी विद्या पाठ सूर्य पूजा क्या है? जानिए पूरी जानकारी, विधि, लाभ और महत्व
भारतीय वैदिक परंपराओं में सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा और तेज का आधार माना गया है। वेदों में सूर्य के […]
भारतीय वैदिक परंपराओं में सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा और तेज का आधार माना गया है। वेदों में सूर्य के […]
शुक्र ग्रह को जीवन में प्रेम, विवाह, सुंदरता, कला, भौतिक सुख, विलासिता और आकर्षण का प्रतिनिधि माना जाता है। वहीं
शुक्र और राहु की युति, दृष्टि या 6/8 संबंध बनाते ही “शुक्र-राहु विष दोष” जन्म लेता है। ये दोष इतना
वैदिक ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) ज्ञान, विवाह, संतान, भाग्य, शिक्षा और जीवन के मार्गदर्शन का कारक माना जाता है। वहीं
वैदिक ज्योतिष में बुध बुद्धि, संवाद, विश्लेषण, गणना, व्यापार और तर्क शक्ति का ग्रह है, जबकि केतु मोक्ष, आध्यात्मिकता, रहस्य,
गुरु और राहु की युति को वैदिक ज्योतिष में एक अशुभ योग माना गया है। इसे गुरु चांडाल दोष और
ज्योतिष में बुध बुद्धि, समझ, तर्क, व्यावहारिक निर्णय, संवाद कौशल और व्यापार का ग्रह माना जाता है। दूसरी ओर राहु
वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब जन्म कुंडली में चंद्रमा और केतु का अशुभ योग बनता है, तब साहस, मानसिक स्थिरता,
क्या आप अपने जीवन मे लगातार किसी न किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे है? क्या एक समस्या