उज्जैन की पवित्र भूमि पर, विक्रांत भैरव शमशान के सिद्ध परिसर में, आचार्य मयंक शर्मा जी तांत्रिक विधि से माँ बगलामुखी हवन अनुष्ठान संपन्न कराते हैं। यहाँ की जाने वाली साधना की ऊर्जा कई गुना प्रबल होती है। शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी के लंबित मामले, व्यापार में आ रही रुकावटें, वाक् सिद्धि और राजनैतिक सफलता — इन सभी के लिए तांत्रिक विधि से माँ बगलामुखी का हवन अत्यंत शीघ्र और चमत्कारी फल देता है।
मां बगलामुखी हवन एक अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक अनुष्ठान माना जाता है जो शत्रु बाधा, कोर्ट केस, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बड़ी समस्याओं को दूर करने में सहायक माना जाता है।
माँ बगलामुखी दश महाविद्याओं में अष्टम महाविद्या हैं, जिन्हें ‘पीतांबरा माता’ और ‘स्तम्भन शक्ति की देवी’ भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सतयुग में जब एक भयंकर तूफान से सृष्टि के नाश का संकट उत्पन्न हुआ, तब देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु की तपस्या से माँ बगलामुखी हरिद्रा सरोवर से प्रकट हुईं और उन्होंने उस तूफान को स्तम्भित कर दिया।
माँ का रूप स्वर्णिम पीला है — पीले वस्त्र, पीले आभूषण, और हाथों में शत्रु की जिह्वा को पकड़े हुए। वे शत्रुओं की वाणी, बुद्धि और कार्यों को एकदम रोक देती हैं — इसीलिए उन्हें ‘स्तम्भन देवी’ कहा जाता है। इनकी तांत्रिक साधना मूलतः स्तम्भन, मारण, उच्चाटन और वशीकरण — इन चार तांत्रिक षट्कर्मों के लिए की जाती है।
तांत्रिक विधि से बगलामुखी हवन — वैदिक विधि से कैसे अलग है?
अधिकांश पूजा-विधियाँ ‘वैदिक पद्धति’ से होती हैं, जिनमें मंत्रोच्चार, अभिषेक और सात्विक सामग्री का उपयोग होता है। परंतु तांत्रिक विधि में साधना का स्तर, स्थान और सामग्री — सब कुछ भिन्न होता है।
तांत्रिक हवन की विशेषताएँ:
- स्थान: शमशान भूमि, एकान्त स्थान या सिद्धपीठ — जहाँ की ऊर्जा तांत्रिक क्रियाओं को शक्तिशाली बनाती है
- समय: रात्रिकाल (विशेषतः रात्रि 10 बजे से प्रातः 4 बजे तक) — तांत्रिक साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ
- मुद्रा और आसन: तांत्रिक षट्कर्म के अनुसार विशेष दिशा में बैठकर पूजन
- विशेष सामग्री: हल्दी, पीली सरसों, कमल गट्टे, नारियल, घी, पीले पुष्प — तांत्रिक अनुपात में
- मंत्र: तांत्रिक बीज मंत्रों का शुद्ध उच्चारण, संख्या अनुसार (1,25,000 या अधिक जाप)
- संकल्प: यजमान का नाम, गोत्र और मनोकामना के साथ विशेष तांत्रिक संकल्प
- हवन सामग्री: उद्देश्य के अनुसार — शत्रु नाश हेतु, धन प्राप्ति हेतु, वाक् सिद्धि हेतु अलग-अलग सामग्री
आचार्य मयंक शर्मा जी उज्जैन के विक्रांत भैरव शमशान पर इसी तांत्रिक पद्धति से हवन संपन्न कराते हैं — जहाँ की ऊर्जा स्वयं तंत्र शास्त्र द्वारा प्रमाणित है।
तांत्रिक विधि से माँ बगलामुखी हवन के फायदे क्या है?
माँ बगलामुखी की तांत्रिक साधना 10 प्रकार की जटिल समस्याओं के निवारण के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है:-
- शत्रु बाधा और स्तम्भन के लिए
माँ बगलामुखी स्वयं स्तम्भन शक्ति की देवी हैं। उनके तांत्रिक हवन से शत्रुओं की बुद्धि, वाणी और कार्य-क्षमता स्तम्भित हो जाती है। जो व्यक्ति आपके विरुद्ध षड्यंत्र रच रहे हों, उन पर माँ की कृपा से नियंत्रण होता है। - कोर्ट-कचहरी और वाद-विवाद में विजय
यदि आप किसी लंबे मुकदमे, कोर्ट केस या विवाद में फँसे हैं, तो तांत्रिक बगलामुखी हवन आपके पक्ष में न्याय दिलाने में अत्यंत प्रभावशाली है। माँ की शक्ति से विरोधी पक्ष की बुद्धि भ्रमित होती है और आपको विजय मिलती है। - राजनैतिक सफलता और प्रतिष्ठा
राजनेताओं, अधिकारियों और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों के लिए यह अनुष्ठान विशेष फलदायी है। माँ बगलामुखी के आशीर्वाद से वाणी प्रभावशाली होती है, जनता में मान-सम्मान बढ़ता है और प्रतिस्पर्धियों पर नियंत्रण होता है। - व्यापार में बाधा और प्रतिस्पर्धा
व्यापार में यदि कोई जानबूझकर नुकसान पहुँचा रहा हो, साझेदार धोखा दे रहा हो या प्रतिस्पर्धी अनुचित तरीकों से रोड़े अटका रहा हो — तो तांत्रिक बगलामुखी हवन से इन सभी बाधाओं का स्तम्भन होता है। - वाक् सिद्धि और प्रभावशाली वाणी
माँ बगलामुखी की कृपा से वाणी में असाधारण प्रभाव आता है। वकील, नेता, अध्यापक, लेखक और सार्वजनिक वक्ता इस अनुष्ठान से वाक् सिद्धि प्राप्त करते हैं। - काला जादू और तांत्रिक बाधा से मुक्ति
यदि आपको या आपके परिवार को किसी के द्वारा किया गया तांत्रिक प्रयोग, काला जादू या अभिचार परेशान कर रहा है, तो माँ बगलामुखी का तांत्रिक हवन उस नकारात्मक शक्ति का नाश करता है। - धन, यश और समृद्धि
तांत्रिक विधि से किए गए बगलामुखी हवन में विशेष धन-आकर्षण सामग्री से आहुति देने पर धन की बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में यश, कीर्ति एवं समृद्धि में वृद्धि होती है।
उज्जैन का विक्रांत भैरव शमशान — तांत्रिक साधना का सिद्ध स्थान
तंत्र शास्त्र के अनुसार, शमशान भूमि पंचमहाभूतों की ऊर्जा का केन्द्र होती है। यहाँ की भूमि में अग्नि, वायु, आकाश, जल और पृथ्वी — पाँचों तत्व अपनी परिपूर्ण अवस्था में विद्यमान रहते हैं। इसीलिए तंत्र शास्त्र में शमशान भूमि को सर्वाधिक सिद्ध स्थान माना गया है।
उज्जैन का विक्रांत भैरव शमशान स्थान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- उज्जैन स्वयं एक सिद्धभूमि है — यहाँ भगवान महाकाल का वास है और यह भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
- विक्रांत भैरव उज्जैन के प्रमुख भैरव देव हैं — तंत्र साधना में भैरव की उपस्थिति अनुष्ठान को और भी शक्तिशाली बनाती है।
- इस स्थान पर शताब्दियों से तांत्रिक अनुष्ठान होते आए हैं — सिद्ध स्थानों की ऊर्जा संचित होती रहती है।
- रात्रिकाल में यहाँ की साधना की शक्ति सामान्य स्थानों की तुलना में कई गुना अधिक होती है।
तांत्रिक बगलामुखी हवन की विधि क्या है?
आचार्य मयंक शर्मा जी द्वारा संपन्न कराया जाने वाला तांत्रिक बगलामुखी हवन निम्नलिखित चरणों में पूर्ण होता है:
- शुद्धिकरण और संकल्प: यजमान का नाम, गोत्र, मनोकामना के साथ तांत्रिक पद्धति से संकल्प लिया जाता है। हवन कुण्ड की स्थापना और शुद्धिकरण।
- देव आह्वान: प्रथम गणपति पूजन, तत्पश्चात भैरव देव का आह्वान — शमशान के अधिपति देव को प्रसन्न किया जाता है।
- बगलामुखी यंत्र स्थापन: तांत्रिक विधि से माँ बगलामुखी का यंत्र हवन कुण्ड के समीप स्थापित कर उसकी प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है।
- मंत्र जाप: ब्राह्मणों द्वारा बगलामुखी मंत्र (ॐ ह्लीं बगलामुखि…) का जाप — सवा लाख से अधिक — यजमान की इच्छानुसार।
- तांत्रिक हवन: हल्दी, पीली सरसों, कमल गट्टे, घी, मधु और यजमान के उद्देश्य के अनुसार विशेष सामग्री से दशांश हवन।
- विशेष तांत्रिक प्रयोग (रात्रिकाल): रात्रि में शमशान में विशेष तांत्रिक अनुष्ठान — यह सर्वाधिक प्रभावशाली चरण है।
- पूर्णाहुति और विसर्जन: पूर्ण विधि-विधान से पूर्णाहुति के पश्चात यंत्र और हवन सामग्री का उचित विसर्जन।
माँ बगलामुखी तांत्रिक हवन पूजा में कितना खर्च आता है?
- सामान्य बगलामुखी हवन ₹2,500 । 25-30 ब्राह्मण जाप + अभिषेक + हवन | 3 घंटे | पूजन सामग्री सहित
- लघु बगलामुखी हवन ₹3,500 । 35-40 ब्राह्मण विशेष जाप + अभिषेक + हवन | 3 घंटे | सम्पूर्ण सामग्री
- विशेष बगलामुखी हवन₹4,500 । 45-50 ब्राह्मण सवा लाख जाप + अभिषेक + 7 पंडित हवन | 3-4 घंटे
- महा बगलामुखी हवन ₹5,500 । 55-65 ब्राह्मण सवा लाख जाप + विशेष अभिषेक + 11 पंडित हवन | 4+ घंटे | तांत्रिक रात्रि प्रयोग।
तांत्रिक बगलामुखी हवन कब करवाना चाहिए?
वैसे तो यह हवन वर्ष के किसी भी समय करवाया जा सकता है, किन्तु निम्नलिखित अवसरों पर इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है:
बगलामुखी जयंती (वैशाख शुक्ल तृतीया) — वर्ष का सर्वश्रेष्ठ दिन
मंगलवार और रविवार — माँ बगलामुखी के प्रिय दिन
नवरात्रि — विशेषकर अष्टमी या नवमी
अमावस्या की रात्रि — तांत्रिक अनुष्ठान के लिए अत्यंत शक्तिशाली
ग्रहण काल — सूर्य या चंद्र ग्रहण के समय
जब कोर्ट केस की तारीख नजदीक हो — 7-10 दिन पहले
जब शत्रु बाधा या तांत्रिक प्रभाव महसूस हो रहा हो — तत्काल
आचार्य मयंक शर्मा जी के बारे में — उज्जैन के सिद्ध पंडित
आचार्य मयंक शर्मा जी उज्जैन के अनुभवी और प्रमाणित ज्योतिष-आचार्य हैं, जो वर्षों से तांत्रिक अनुष्ठानों, दोष निवारण पूजा और विशेष हवन अनुष्ठान कराते आ रहे हैं। पंडित जी की विशेषताएँ:
- उज्जैन के विक्रांत भैरव शमशान पर तांत्रिक साधनाओं का गहन अनुभव
- बगलामुखी, काली, भैरव और अन्य तांत्रिक देवी-देवताओं की साधना में दक्षता
- सभी ब्राह्मण कर्मकांड में पूर्णतः प्रशिक्षित — बटुक ब्राह्मणों से जाप नहीं कराया जाता
- यजमान की अनुपस्थिति में ऑनलाइन हवन की सुविधा — पूरे भारत और विदेश से सेवा
- हजारों व्यक्तियों ने पूजा के पश्चात जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव किया है
- निःशुल्क कुंडली परामर्श — पूजा बुकिंग से पहले समस्या को समझकर सही समाधान
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