कनकधारा पाठ - ताड़पत्र पांडुलिपि, दीप और स्वर्ण आँवले
जाप व पाठ

कनकधारा पाठ: आदि शंकराचार्य की कथा, 21 दिन की विधि और व्यावहारिक लाभ

लोककथा के अनुसार, बालक शंकराचार्य भिक्षा माँगते हुए एक दरिद्र ब्राह्मणी के द्वार पर पहुँचा। घर में खाने को कुछ