कोर्ट केस, कानूनी विवाद और मुकदमेबाज़ी किसी भी व्यक्ति के जीवन को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर कर सकती है। केस की तारीखें, विरोधियों की चालें, झूठे आरोप और लगातार तनाव व्यक्ति की ऊर्जा को समाप्त कर देते हैं। ऐसी स्थिति में वैदिक शास्त्रों में बगलामुखी हवन पूजा को कोर्ट केस से मुक्ति और विजय का सबसे प्रभावशाली उपाय माना गया है।
कोर्ट केस के लिए बगलामुखी हवन पूजा एक सिद्ध और प्रभावशाली आध्यात्मिक उपाय है। यह न केवल विरोधियों की शक्ति को शांत करता है, बल्कि व्यक्ति को मानसिक बल, सुरक्षा और न्याय प्राप्त करने की ऊर्जा देता है।
कोर्ट केस में बगलामुखी हवन क्यों आवश्यक है?
मां बगलामुखी को स्तंभन शक्ति की देवी कहा जाता है। स्तंभन का अर्थ है – शत्रु की बुद्धि, वाणी और नकारात्मक प्रयासों को निष्क्रिय करना।
कोर्ट केस में समस्या केवल कागजों की नहीं होती, बल्कि:
- विरोधियों की चालें
- झूठी गवाही
- वकीलों की रणनीति
- मानसिक दबाव
इन सभी का गहरा प्रभाव पड़ता है।
बगलामुखी माता हवन पूजा इन अदृश्य नकारात्मक शक्तियों को शांत कर, केस को आपके पक्ष में मोड़ने में सहायक होता है।
बगलामुखी हवन पूजा कराना क्यों आवश्यक है? जाने महत्व
बगलामुखी हवन एक विशेष वैदिक–तांत्रिक अनुष्ठान है, जिसमें मां बगलामुखी के बीज मंत्रों के साथ अग्नि में आहुति दी जाती है।
यह पूजा विशेष रूप से:
- शत्रु बाधा
- कोर्ट केस
- कानूनी झगड़े
- झूठे आरोप
के निवारण के लिए की जाती है।
कोर्ट केस में बगलामुखी हवन पूजा के प्रमुख लाभ कौन-कौन से है?
कानूनी विवाद, झूठे आरोप और विरोधियों से विजय पाने का शक्तिशाली उपाय
विरोधी पक्ष की शक्ति कमजोर होती है
बगलामुखी हवन से शत्रु की नकारात्मक सोच, झूठी योजना और अनुचित रणनीति निष्फल होने लगती है।
झूठे आरोप और गलत केस में राहत
यदि किसी व्यक्ति पर झूठा मुकदमा दर्ज हो या फंसाया गया हो, तो यह हवन सच्चाई को सामने लाने में सहायक माना जाता है।
कोर्ट के निर्णय में अनुकूलता
हवन के प्रभाव से:
- केस में अनुकूल मोड़ आता है
- जज और सिस्टम का रुख सकारात्मक होता है
- तारीखों में अनावश्यक देरी कम होती है
मानसिक तनाव और भय से मुक्ति
कोर्ट केस व्यक्ति को अंदर से तोड़ देता है। बगलामुखी हवन मानसिक स्थिरता, साहस और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
वाणी और तर्क शक्ति में वृद्धि
केस से जुड़े बयान, बातचीत और तर्क में मजबूती आती है।
विरोधी की झूठी बातें स्वयं कमजोर पड़ने लगती हैं।
केस से जुड़ी बाधाओं का नाश
गवाह, दस्तावेज़, वकील या प्रक्रिया से जुड़ी अड़चनें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
तंत्र-मंत्र या नकारात्मक प्रयोग से सुरक्षा
कई बार कोर्ट केस में तांत्रिक प्रयोग भी किए जाते हैं। बगलामुखी हवन इन प्रभावों से सुरक्षा कवच बनाता है।
कोर्ट केस के लिए बगलामुखी हवन कब कराना चाहिए?
कोर्ट केस के लिए हवन निम्न समय में विशेष फल देता है:
- मंगलवार और गुरुवार
- अमावस्या
- गुप्त नवरात्रि
- केस की महत्वपूर्ण तारीख से पहले
सही मुहूर्त कुंडली और केस की स्थिति देखकर तय किया जाता है।
बगलामुखी हवन पूजा की विधि क्या है?
- संकल्प – नाम, गोत्र और कोर्ट केस का विवरण
- गणेश पूजन
- मां बगलामुखी का आवाहन
- विशेष मंत्र जाप
“ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय” - हवन में आहुति
- पूर्णाहुति और आरती
- पूजा के बाद पालन हेतु नियम
किन लोगों को कोर्ट केस के लिए बगलामुखी हवन कराना चाहिए?
- जिनका कोर्ट केस वर्षों से चल रहा हो
- जिन पर झूठे आरोप लगे हों
- संपत्ति विवाद, पारिवारिक केस या क्रिमिनल केस
- जिनका केस बार-बार बिगड़ रहा हो
- जो मानसिक रूप से टूट चुके हों
बगलामुखी हवन अनुभवी पंडित से क्यों कराना जरूरी है?
आचार्य पंडित मयंक जी शर्मा ने बगलामुखी माता की आराधना उनके गुरु जी उमाशंकर जी जो नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर के विशेष सेवक पुजारी हैं उन्हीं की कृपा से पंडित आचार्य मयंक जी शर्मा ने माता की कृपा प्राप्त की है और कई लोगों को हवन पूजन पाठ करवा के उनके जीवन में आ रही परेशानियों को दूर करने का निरंतर प्रयास किया है और कर रहे हैं, इसलिए कोर्ट केस के लिए अनुभवी, सिद्ध और योग्य पंडित से ही बगलामुखी हवन कराना चाहिए।
बगलामुखी हवन पूजा बुकिंग उज्जैन में कैसे करें?
यदि आप कानूनी विवादों से परेशान हैं और स्थायी समाधान चाहते हैं, तो बगलामुखी हवन पूजा आपके लिए एक मजबूत आध्यात्मिक उपाय हो सकता है। आज ही नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करें और अपनी पूजा की पूरी जानकारी उज्जैन के अनुभवी पंडित मयंक शर्मा जी से प्राप्त करें।