संतान प्राप्ति के लिए मां बगलामुखी हवन

संतान प्राप्ति के लिए मां बगलामुखी पूजा: विधि और शुभ मुहूर्त

संतान प्राप्ति हर विवाहित जोड़े के जीवन का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण सपना होता है। किंतु आधुनिक जीवनशैली, तनाव, प्रदूषण और अन्य कारणों से आज हजारों जोड़े बांझपन (Infertility) की समस्या से जूझ रहे हैं। जहाँ चिकित्सा विज्ञान (IVF, IUI आदि) अपनी जगह पर है, वहीं हिंदू धर्म और तंत्र शास्त्र में संतान प्राप्ति हेतु विशेष पूजाएं और देवी साधना का वर्णन मिलता है।

मां बगलामुखी पूजा, मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। इनकी विशेषता है “स्तंभन शक्ति” — अर्थात उन शक्तियों को रोकना जो आपकी संतान प्राप्ति में बाधा डाल रही हैं। चाहे वह पितृ दोष हो, नजर दोष हो, ग्रह बाधा हो या कोई अदृश्य शक्ति — मां बगलामुखी की कृपा से ये सभी बाधाएं स्थिर (स्तंभित) हो जाती हैं, तो देर न करें और आज ही उज्जैन में माँ बगलामुखी हवन पूरी विधि के साथ सम्पन्न कराएँ।

संतान प्राप्ति में देरी के आध्यात्मिक कारण क्या है?

आधुनिक चिकित्सा बांझपन को एक शारीरिक समस्या मानती है, किंतु वैदिक ज्योतिष और तंत्र शास्त्र इसके पीछे कई आध्यात्मिक कारण बताते हैं:

1. पितृ दोष (Pitru Dosh)

जब परिवार के पूर्वज अतृप्त रह जाते हैं, तो उनका शाप वंश पर पड़ता है। इसका सीधा प्रभाव वंश वृद्धि पर पड़ता है और संतान प्राप्ति में बाधा आती है।

2. ग्रह दोष (Graha Dosh)

कुंडली में पंचम भाव (संतान भाव) का पापकर्तरी योग, शनि-मंगल की दृष्टि, या राहु-केतु का प्रभाव संतान में देरी का कारण बनता है।

3. नजर दोष और तंत्र बाधा

कई बार दुष्ट शक्तियां या नजर दोष गर्भधारण में बाधा डालते हैं। गर्भपात की बार-बार समस्या भी इसी का परिणाम हो सकती है।

4. कर्मिक बाधा

पूर्व जन्मों के अघटित कर्म भी इस जन्म में संतान सुख से वंचित रख सकते हैं।

क्या करें जब संतान प्राप्ति का सपना अधूरा रह जाए?

मां बगलामुखी की पूजा: मां बगलामुखी की स्तंभन शक्ति सभी नकारात्मक शक्तियों को जड़ से समाप्त कर देती है — चाहे वह पितृ दोष का प्रभाव हो या ग्रह बाधा। जब ये बाधाएं रुक जाती हैं, तो प्रकृति का सृजनात्मक क्रम पुनः प्रारंभ होता है। अर्थात माँ बगलामुखी हवन पूजा करने से सभी दोषों का निवारण होता है और संतान का सुख प्राप्त होता है।

मां बगलामुखी कौन हैं? संतान प्राप्ति में उनकी विशेष भूमिका

मां बगलामुखी को “पीताम्बरा” (पीले वस्त्र धारण करने वाली) भी कहा जाता है। वे दस महाविद्याओं में आठवें स्थान पर हैं। इनका मुख्य अस्त्र है “मुद्रा” — जो शत्रु को, बाधा को, रोग को और नकारात्मकता को स्थिर कर देती है।

संतान प्राप्ति में मां बगलामुखी की शक्ति:

शक्तिप्रभाव
स्तंभनसंतान प्राप्ति में आ रही बाधाओं को रोकना
वाक्सिद्धिसंतान प्राप्ति की कामना की पूर्ति
शत्रु नाशनजर दोष, तंत्र बाधा, ग्रह दोष का नाश
रोग निवारणबांझपन और गynecological समस्याओं का आध्यात्मिक निवारण
वंश वृद्धिकुल का विस्तार और वंश की रक्षा

शास्त्रों में कहा गया है कि जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, तो कई असुरों ने उसमें बाधा डाली। तब मां बगलामुखी प्रकट हुईं और उन असुरों को स्तंभित करके सृष्टि कार्य को सफल बनाया। इसी प्रकार, जब किसी जोड़े की सृष्टि (संतान) में बाधा आती है, तो मां बगलामुखी उस बाधा को स्थिर करके संतान का मार्ग खोलती हैं।

संतान प्राप्ति हेतु बगलामुखी पूजा क्यों अन्य पूजाओं से अलग और श्रेष्ठ है?

कई देवी-देवताओं की पूजा संतान प्राप्ति के लिए की जाती है — जैसे संतान गोपाल पूजा, पुत्रदा एकादशी, हरतालिका तीज। किंतु बगलामुखी पूजा विशेष इसलिए है:

  1. बाधा को तुरंत रोकना: जबकि अन्य पूजाएं कृपा प्राप्त करती हैं, बगलामुखी पूजा बाधा को तोड़ती है।
  2. त्वरित फलदायी: मां बगलामुखी “दुर्गम” (कठिन कार्यों को सरल बनाने वाली) हैं। जोड़े अक्सर 41 दिनों या 108 दिनों के भीतर सकारात्मक परिणाम देखते हैं।
  3. गर्भधारण से लेकर प्रसव तक की रक्षा: यह पूजा केवल गर्भधारण तक सीमित नहीं। यह गर्भपात की संभावना को रोकती है, समयपूर्व प्रसव की बाधा को टालती है और स्वस्थ संतान की प्राप्ति सुनिश्चित करती है।
  4. पति-पत्नी दोनों के लिए: अन्य पूजाओं में केवल स्त्री की पूजा पर जोर होता है, किंतु बगलामुखी पूजा पति-पत्नी दोनों के लिए समान रूप से लाभदायक है। पुरुष निःसंतानता (Male Infertility) की समस्याओं में भी यह अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।

संतान प्राप्ति हेतु मां बगलामुखी पूजा की संपूर्ण विधि क्या है?

यह पूजा वैदिक-तांत्रिक विधि से संपन्न होती है। इसे किसी अनुभवी तांत्रिक या ब्राह्मण द्वारा ही करवाना चाहिए।

पूजा से पहले की तैयारी:

व्रत और संयम (पति-पत्नी दोनों के लिए)

  • पूजा से 7 दिन पहले से शुद्ध शाकाहारी भोजन करें
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें
  • तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज) का पूर्ण त्याग करें
  • स्नान के बाद साफ-सफेद वस्त्र पहनें

पूजा सामग्री:

सामग्रीमात्रामहत्व
पीले फूल (चमेली/गेंदा)108 या 1008मां को प्रिय
पीला वस्त्र1 जोड़ीआसन या दान हेतु
हल्दी की गांठ11संतान प्राप्ति हेतु विशेष
पीली सरसों1 किलोबाधा दूर करने हेतु
केसर युक्त पंचामृत1 लोटाअभिषेक
गुड़250 ग्रामप्रसाद
पीली कौड़ी11तंत्र सामग्री
हवन समग्री1 पैकेटआहुति हेतु
संतान गोपाल यंत्र1साथ में स्थापित करें

पूरी पूजा विधि:

गणेश पूजा और संकल्प पंडित जी “ॐ गं गणपतये नमः” से शुरुआत करते हैं। फिर पति-पत्नी के नाम, गोत्र, जन्म तिथि लेकर संकल्प लिया जाता है: “मां बगलामुखी की कृपा से हमें स्वस्थ और दीर्घायु संतान प्राप्त हो, इस हेतु अनुष्ठान किया जा रहा है।”

मां बगलामुखी का ध्यान : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

इस मंत्र का 11 बार उच्चारण कर मां का ध्यान किया जाता है।

षोडशोपचार पूजा

  • आसन: पीले वस्त्र बिछाकर मां का आसन बनाएं
  • पाद्य: चरण धोएं
  • अर्घ्य: हाथ में जल दें
  • आचमन: जल पान कराएं
  • स्नान: पंचामृत से अभिषेक
  • वस्त्र: पीले वस्त्र अर्पित करें
  • यज्ञोपवीत: जनेऊ
  • गंध: हल्दी-चंदन का लेप
  • पुष्प: पीले फूल
  • धूप: गुग्गुल और हल्दी युक्त धूप
  • दीप: घी का दीपक
  • नैवेद्य: केसर युक्त खीर या पीला पेठा
  • ताम्बूल: पान-सुपारी
  • नीराजन: आरती
  • वंदन: प्रणाम
  • पारण: प्रसाद

बगलामुखी बीज मंत्र जाप (मुख्य अनुष्ठान) : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

जाप संख्या:

  • सामान्य: 125,000 बार (साधारण जन के लिए)
  • संक्षिप्त: 11,000 बार (पंडित द्वारा)
  • अत्यंत संक्षिप्त: 1,008 बार (प्रतिदिन के लिए)

संतान गोपाल मंत्र जाप (संयुक्त अनुष्ठान) बगलामुखी पूजा के साथ संतान गोपाल मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥

इस मंत्र का 125,000 बार जाप या पूर्णाहुति के साथ हवन किया जाता है।

हवन (होम) हवन कुंड में पीली लकड़ी (पीपल/बिल्व) से अग्नि प्रज्वलित कर:

  • हल्दी की गांठ की आहुति
  • पीली सरसों की आहुति
  • गुड़ की आहुति
  • बीज मंत्र की आहुति

पूर्णाहुति और ब्राह्मण भोजन अंत में पूर्णाहुति दी जाती है। 11 ब्राह्मणों या 5 कन्याओं को भोजन कराया जाता है। पीले वस्त्र, हल्दी, फल, और दक्षिणा दी जाती है।

रक्षा कवच और प्रसाद पंडित जी पति-पत्नी को रक्षा सूत्र बांधते हैं और पीला प्रसाद (पेठा, केसर युक्त मिष्ठान्न) देते हैं।

संतान प्राप्ति हेतु विशेष बगलामुखी मंत्र, स्तोत्र और कवच कौन-से है?

1. मुख्य बीज मंत्र (Santan Prapti Mantra)

ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा

जाप: प्रतिदिन 108 बार, शुक्ल पक्ष में 1,008 बार

2. संतान प्राप्ति विशेष मंत्र

ॐ ह्लीं बगलामुखी मम गर्भं रक्ष ह्लीं फट् स्वाहा

जाप: गर्भधारण के बाद प्रतिदिन 21 बार — गर्भपात की रक्षा हेतु

3. बगलामुखी कवच (Stambhan Kavach)

ह्लीं बगलामुखी मम सर्वबाधा निवारिणी
संतानं देहि देहि ह्लीं फट् स्वाहा

इस कवच का पाठ मंगलवार और गुरुवार को करना चाहिए।

4. बगलामुखी अष्टकम

नमो भगवते ह्लीं बगलामुखी महाविद्ये
स्तंभिनि सर्वजनवशंकरी स्वाहा॥

कब करें संतान प्राप्ति पूजा? जाने शुभ मुहूर्त और दिन

सर्वोत्तम दिन:

दिन/तिथिमहत्वविशेष फल
मंगलवारहनुमान और बगलामुखी का दिनबाधा निवारण
गुरुवारबृहस्पति (संतान कारक) का दिनवंश वृद्धि
पूर्णिमाचंद्र बलवानगर्भधारण शक्ति
शुक्ल पक्ष अष्टमीदुर्गा अष्टमीमातृत्व की कृपा
बगलामुखी जयंतीवैशाख माससर्वोत्तम
नवरात्रिशारदीय/चैत्रदुर्गा सहित पूजा

समय:

  • प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त): सूर्योदय से पहले — सर्वोत्तम
  • मध्याह्न: 12:00 PM से 2:00 PM — ग्रहण सिद्धि
  • संध्या: सूर्यास्त के समय — स्तंभन शक्ति बलवान

गर्भधारण के बाद:

गर्भधारण होने के बाद भी प्रथम त्रिमासिक (पहले 3 महीने) में बगलामुखी रक्षा पूजा करानी चाहिए ताकि गर्भपात की संभावना टले।

ऑनलाइन पूजा और बुकिंग: घर बैठे संतान प्राप्ति का आशीर्वाद

आज के डिजिटल युग में आप घर बैठे ही मां बगलामुखी की संतान प्राप्ति पूजा का लाभ उठा सकते हैं।

ऑनलाइन पूजा में क्या मिलता है?

  • Live Video या Recorded Video of Puja
  • रक्षा सूत्र और यंत्र Courier द्वारा
  • प्रसाद (पीला पेठा, हल्दी, कौड़ी) भेजा जाता है
  • संकल्प पत्र और पूजा विधि की रिपोर्ट
  • Havan की पूरी recording

बुकिंग प्रक्रिया:

  1. वेबसाइट/WhatsApp पर संपर्क करें
  2. कुंडली भेजकर संतान बाधा की जांच करवाएं
  3. पैकेज चुनें:
    • सामूहिक पूजा: ₹2,100 – ₹3,500
    • व्यक्तिगत पूजा: ₹5,100 – ₹11,000
    • विशेष अनुष्ठान (11 दिन): ₹21,000 +
  4. अग्रिम राशि भेजें और मुहूर्त प्राप्त करें
  5. पूजा संपन्न होने पर वीडियो और प्रसाद प्राप्त करें

पूजा के लिए आवश्यक सावधानियां और नियम

पति-पत्नी दोनों के लिए:

  • पूजा के दिन सफेद या पीले वस्त्र पहनें
  • काले और हरे रंग के वस्त्र वर्जित माने जाते हैं
  • मांसाहार, मदिरा, लहसुन-प्याज का पूर्ण त्याग करें
  • क्रोध और झूठ से बचें
  • पूजा के 41 दिनों तक नियमित रूप से मंत्र जाप करें

गर्भधारण के बाद:

  • प्रतिदिन “ॐ ह्लीं बगलामुखी मम गर्भं रक्ष ह्लीं फट् स्वाहा” का 21 बार जाप करें
  • मंगलवार को हल्दी का तिलक लगाएं
  • पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है

मां बगलामुखी की कृपा से संतान सुख की प्राप्ति

संतान प्राप्ति मां बगलामुखी पूजा केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक चिकित्सा है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर कार्य करती है। जब चिकित्सा विज्ञान अपनी सीमाओं पर पहुँच जाता है, तब मां की कृपा एक नया रास्ता दिखाती है।

क्या आप भी संतान सुख की प्राप्ति हेतु मां बगलामुखी की पूजा कराना चाहते हैं? तो आज ही उज्जैन के अनुभवी पंडित मयंक शर्मा जी से संपर्क करें और अपनी पूजा बुक करें।

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