राजनीति और चुनाव केवल भाषण या रणनीति तक सीमित नहीं होते—यहाँ विरोध, अफ़वाहें, मानसिक दबाव, कानूनी अड़चनें और अप्रत्याशित परिस्थितियाँ भी निर्णायक भूमिका निभाती हैं। ऐसे समय में वैदिक परंपरा में मां बगलामुखी की साधना को नकारात्मक शक्तियों के शमन और विजय का प्रभावी उपाय माना गया है।
बगलामुखी हवन पूजा उम्मीदवार को मानसिक स्थिरता, वाणी में प्रभाव और विरोध की नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा प्रदान करता है।
राजनीति और चुनाव में बगलामुखी हवन किसी को नुकसान पहुँचाने का नहीं, बल्कि नकारात्मकता के शमन, आत्मबल, स्पष्ट संवाद और रणनीतिक संतुलन का आध्यात्मिक उपाय है।
राजनीति/चुनाव में बगलामुखी हवन क्यों है जरूरी?
मां बगलामुखी को स्तंभन शक्ति की देवी कहा गया है—अर्थात् गलत प्रचार, भ्रामक बातें, षड्यंत्र और अवरोधक ऊर्जा को निष्क्रिय करना।
चुनाव के दौरान जब:
- अफ़वाहें फैलें
- विरोधी दबाव बनाए
- निर्णय लेना कठिन हो
- टीम में असमंजस हो
तब बगलामुखी हवन मानसिक स्पष्टता और रणनीतिक संतुलन देता है।
बगलामुखी हवन पूजा क्या है?
बगलामुखी हवन एक वैदिक-तांत्रिक अनुष्ठान है, जिसमें मां बगलामुखी के बीज मंत्रों के साथ अग्नि में आहुति दी जाती है। इसका उद्देश्य:
- नकारात्मक प्रचार का शमन
- वाणी और तर्क की शक्ति बढ़ाना
- मानसिक भय व दबाव कम करना
- अभियान में स्थिरता और आत्मविश्वास लाना
चुनाव/राजनीति में बगलामुखी हवन के प्रमुख लाभ कौन-कौन से है?
- विरोध और अफ़वाहों का शमन: हवन से गलत प्रचार और विरोधी की नकारात्मक रणनीतियाँ कम प्रभावी होने लगती हैं।
- वाणी में प्रभाव और संवाद कौशल: भाषण, डिबेट और मीडिया इंटरैक्शन में स्पष्टता, आत्मविश्वास और प्रभाव बढ़ता है।
- निर्णय क्षमता और रणनीतिक स्पष्टता: मानसिक दबाव घटता है, जिससे टीम और उम्मीदवार सही समय पर सही निर्णय ले पाते हैं।
- कानूनी/प्रक्रियात्मक अड़चनों में राहत: नामांकन, शिकायत, नोटिस या प्रक्रिया-जन्य बाधाओं से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है।
- अभियान में स्थिरता और ऊर्जा: थकान, घबराहट और अस्थिरता कम होती है; अभियान में लगातार ऊर्जा बनी रहती है।
- अदृश्य नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा: बुरी नजर, ईर्ष्या या तांत्रिक शंकाओं से आध्यात्मिक सुरक्षा कवच मिलता है।
चुनाव के लिए बगलामुखी हवन कब कराएं?
- मंगलवार या गुरुवार
- अमावस्या
- नवरात्रि / गुप्त नवरात्रि
- नामांकन/घोषणा/महत्वपूर्ण रैली से पहले
सही मुहूर्त कुंडली व चुनावी समयरेखा देखकर तय किया जाता है।
राजनीति हेतु बगलामुखी हवन की विधि क्या होती है?
- संकल्प (नाम, गोत्र, उद्देश्य)
- गणेश पूजन
- मां बगलामुखी का आवाहन
- विशेष मंत्र जाप व हवन आहुतियाँ
- पूर्णाहुति व आरती
- पूजा-पश्चात अनुशासन/नियम (पंडित द्वारा निर्देश)
किन लोगों के लिए यह हवन उपयुक्त है?
- चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार
- सक्रिय राजनेता/जनप्रतिनिधि
- अभियान प्रबंधन से जुड़े प्रमुख सदस्य
- जिनके विरुद्ध लगातार विरोध/अफ़वाहें हों
- जो निर्णय-दबाव और मानसिक अस्थिरता महसूस कर रहे हों
अनुभवी पंडित से ही क्यों कराएँ?
बगलामुखी साधना शक्तिशाली और संवेदनशील है। शुद्ध मंत्रोच्चार, सही विधि और उचित मुहूर्त के बिना अपेक्षित फल नहीं मिलता। इसलिए यह हवन केवल अनुभवी, शास्त्रज्ञ पंडित से कराना चाहिए। उज्जैन के योग्य पंडित मयंक शर्मा जी से नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें और पूजा की पूरी जानकारी प्राप्त करें।
बगलामुखी माता हवन पूजा क्यों और कैसे कराएँ?
सही विधि से कराया गया हवन उम्मीदवार को मानसिक मजबूती और सकारात्मक ऊर्जा देता है—जो चुनावी सफलता की नींव बनती है।
यदि आप भी बगलामुखी हवन पूजा सफलतापूर्वक पूरी विधि के साथ उज्जैन मे सम्पन्न कराना चाहते है तो आज ही वहाँ के अनुभवी पंडित मयंक शर्मा जी से नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें।