जब जीवन में विरोधी सक्रिय हो जाएं, बिना कारण काम बिगड़ने लगें, कानूनी मामले उलझ जाएं या मानसिक अशांति लगातार बनी रहे, तब साधारण उपाय काम नहीं करते। ऐसे समय में तंत्र और शास्त्रों में वर्णित बगलामुखी माता हवन को एक अत्यंत प्रभावशाली साधना माना गया है।
बगलामुखी माता दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं और इन्हें शत्रु बाधा नाश, वाणी स्तंभन और विजय की देवी कहा जाता है। सही विधि और श्रद्धा से किया गया हवन जीवन में रुकावटें हटाने में सहायक माना जाता है। उज्जैन के अनुभवी पंडित मयंक शर्मा जी यह पूजा पूरी विधि और श्रद्धा के साथ सम्पन्न कराते है उज्जैन में बगलामुखी हवन सम्पन्न करने के लिए अभी संपर्क करें।
बगलामुखी माता कौन हैं?
बगलामुखी माता पीतांबरा देवी के नाम से भी जानी जाती हैं। उनका रंग पीला है, वस्त्र पीले हैं, और वे पीले कमल पर विराजमान हैं। उनका मुख्य मंत्र है:
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा
ये मंत्र जपने और हवन करने से:
- शत्रु की जुबान और बुद्धि स्तंभित हो जाती है
- मुकदमे में जीत मिलती है
- झूठी गवाही या अफवाह रुक जाती है
- वाक् सिद्धि होती है (बोली हुई बात सत्य हो जाती है)
- क्रोध और विवाद अपने आप खत्म हो जाते हैं
बगलामुखी माता का स्वरूप शक्ति, नियंत्रण और संरक्षण का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार माता का प्रभाव ऐसा माना जाता है कि वे:
- नकारात्मक शक्तियों को शांत करती हैं
- शत्रुओं की बुद्धि और शक्ति को निष्क्रिय करती हैं
- अन्याय और भय से रक्षा करती हैं
इसी कारण इन्हें स्तंभन शक्ति की देवी भी कहा जाता है।
बगलामुखी माता हवन क्या होता है?
बगलामुखी माता हवन उन लोगों के लिए एक शक्तिशाली साधना है जो जीवन में लगातार संघर्ष, विरोध और मानसिक अशांति का सामना कर रहे हैं। बगलामुखी माता हवन वो पूजा है जो शत्रु की जुबान और बुद्धि को स्तंभित कर देती है। 2026 में ये पूजा करवाकर देखो – मुकदमा जीत जाओगे, झगड़े खत्म होंगे, और वाणी में सिद्धि आएगी।
- बगलामुखी माता हवन एक विशेष वैदिक और तांत्रिक प्रक्रिया है जिसमें माता के बीज मंत्रों के साथ अग्नि में आहुतियाँ दी जाती हैं।
- यह केवल पूजा नहीं बल्कि एक ऊर्जा साधना मानी जाती है, जिसका उद्देश्य व्यक्ति के जीवन से नकारात्मक प्रभावों को हटाना होता है।
- हवन मंत्र, सामग्री और संकल्प के अनुसार किया जाता है, जिससे उसका प्रभाव अधिक गहरा माना जाता है।
बगलामुखी माता हवन क्यों कराया जाता है?
यह हवन विशेष रूप से उन लोगों के लिए किया जाता है जो:
- शत्रुओं या विरोधियों से परेशान हों
- कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में फंसे हों
- बार-बार अपमान, षड्यंत्र या नुकसान झेल रहे हों
- व्यापार या नौकरी में अकारण बाधाओं का सामना कर रहे हों
- मानसिक भय, गुस्सा या अस्थिरता महसूस कर रहे हों
ऐसे मामलों में बगलामुखी माता हवन को प्रभावी उपाय माना जाता है।
बगलामुखी माता हवन का धार्मिक महत्व क्या है?
पुराणों और तंत्र ग्रंथों में वर्णित है कि बगलामुखी माता का आह्वान करने से:
- नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है
- निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है
- मन स्थिर और केंद्रित होता है
- जीवन में संतुलन आता है
इसी कारण यह हवन केवल भौतिक नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी प्रभाव डालता है।
बगलामुखी माता हवन करने का सही समय क्या है?
हवन का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सामान्यतः ये समय श्रेष्ठ माने जाते हैं:
- गुरुवार और मंगलवार
- अमावस्या और अष्टमी तिथि
- नवरात्रि के दिन
- जब कुंडली में शत्रु योग या ग्रह बाधा हो
विशेष लाभ के लिए हवन तिथि का चयन कुंडली देखकर किया जाना उचित माना जाता है।
बगलामुखी माता हवन की विधि क्या है?
हवन पूरी तरह शास्त्रीय नियमों से किया जाता है:
- शुद्धिकरण और संकल्प
- गणेश पूजन
- बगलामुखी माता का आवाहन
- बीज मंत्र जाप
- हवन कुंड में विशेष सामग्री से आहुति
- पूर्णाहुति और माता से प्रार्थना
पूरी प्रक्रिया लगभग 2 से 3 घंटे में संपन्न होती है।
बगलामुखी माता हवन से मिलने वाले लाभ कौन-कौन से है?
हवन के प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन स्थायी माने जाते हैं:
- शत्रु बाधाओं से राहत
- कानूनी मामलों में सकारात्मक स्थिति
- मानसिक भय और तनाव में कमी
- आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि
- वाणी में प्रभाव और नियंत्रण
- नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा
इन लाभों का अनुभव व्यक्ति की स्थिति और श्रद्धा पर निर्भर करता है।
बगलामुखी माता के हवन में कितना खर्च आता है?
हवन का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है जैसे:
- मंत्र जाप की संख्या
- हवन सामग्री
- पंडित का अनुभव
- स्थान
सामान्यतः खर्च ₹2,500 से ₹7,500 तक हो सकता है। यह एक अनुमानित पूजा खर्च है, हवन व पूजा के पूरे खर्च की जानकारी प्राप्त करने के लिए उज्जैन के अनुभवी पंडित मयंक शर्मा जी से संपर्क करें और पूजा की पूरी जानकारी प्राप्त करें।
हवन से पहले और बाद के नियम
हवन से पहले
- सात्विक भोजन
- नशा और क्रोध से दूरी
- मन को शांत रखें
हवन के बाद
- संयमित जीवन
- नकारात्मक चर्चा से बचें
- माता का स्मरण करें
इन नियमों से हवन का प्रभाव अधिक समय तक बना रहता है।
बगलामुखी माता हवन किसे नहीं कराना चाहिए?
जो व्यक्ति केवल जिज्ञासा या बिना श्रद्धा के हवन कराना चाहता है, उसके लिए यह साधना उपयुक्त नहीं मानी जाती।
यह एक गंभीर आध्यात्मिक प्रक्रिया है, इसलिए इसे अनुभवी पंडित से ही कराना चाहिए।
बगलामुखी माता हवन पूजा बुकिंग कैसे करें?
सही समय, सही विधि और श्रद्धा के साथ किया गया हवन व्यक्ति को सुरक्षा, शक्ति और संतुलन प्रदान कर सकता है। यदि आप भी अपने जीवन आ रही समस्त समस्याओं से परेशान है और जीवन में शांति चाहते है तो आज ही नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करें और अपनी पूजा बुक करें।