Rahu Mangal Dosh Puja Ujjain

राहु मंगल दोष निवारण पूजा उज्जैन – जाने लक्षण, नुकसान व उपाय

जन्म कुंडली में जब राहु ग्रह और मंगल ग्रह आपस में एक ही भाव या राश‍ि में स्थित हो जाते हैं, तो इसे राहु-मंगल दोष कहा जाता है।
यह योग बेहद प्रभावशाली और चुनौतीपूर्ण माना गया है, क्योंकि राहु एक छाया ग्रह है जो भ्रम, क्रोध, मोह और आकांक्षाओं का प्रतीक है, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस और आत्मबल का कारक होता है।
जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो व्यक्ति की ऊर्जा असंतुलित हो जाती है। वह व्यक्ति अत्यधिक आवेगशील, आक्रामक, लालची या जल्दबाज बन जाता है।

राहु मंगल द्वारा उत्पन्न दोष को अंगारक दोष भी कहा जाता है जिसके निवारण हेतु उज्जैन मे अंगारक दोष पूजा कराई जाती है।

राहु मंगल दोष कैसे बनता है?

राहु और मंगल जब कुंडली के निम्न भावों में एक साथ आते हैं, तब यह दोष बनता है

  1. पहला भाव (लग्न) – व्यक्ति अहंकारी और जल्द निर्णय लेने वाला हो जाता है।
  2. चौथा भाव – घर और परिवार में शांति की कमी होती है।
  3. सातवां भाव – वैवाहिक जीवन में तनाव और झगड़े।
  4. आठवां भाव – दुर्घटना और चोट का योग।
  5. बारहवां भाव – धन हानि, मुकदमेबाजी और मानसिक तनाव।

इस दोष के प्रभाव का स्तर कुंडली के ग्रहों की शक्ति और दृष्टि पर निर्भर करता है।

राहु मंगल दोष के लक्षण

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु मंगल दोष है, तो उसके जीवन में कुछ खास प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं:

  • गुस्सा जल्दी आना और नियंत्रण न रख पाना।
  • अचानक निर्णय लेकर नुकसान उठाना।
  • पारिवारिक संबंधों में तनाव और अविश्वास।
  • आर्थिक अस्थिरता और बार-बार हानि होना।
  • दुर्घटनाएँ या चोटें बार-बार होना।
  • नींद की समस्या, मानसिक बेचैनी और डर।
  • विवाह या रिश्तों में असफलता।

राहु मंगल दोष से होने वाले नुकसान

राहु-मंगल दोष केवल मनोवैज्ञानिक रूप से नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है।

  1. वैवाहिक जीवन में कलह: पति-पत्नी के बीच गलतफहमी और विवाद बढ़ जाते हैं।
  2. करियर में रुकावटें: राहु भ्रम और लालच लाता है जिससे व्यक्ति गलत फैसले ले लेता है।
  3. धन हानि: निवेश या व्यापार में बार-बार नुकसान होना।
  4. कानूनी झंझट: झगड़ों या कोर्ट केस में फँसने की संभावना।
  5. स्वास्थ्य समस्याएँ: रक्तचाप, दुर्घटना, मानसिक तनाव या चोट के योग।

राहु मंगल दोष निवारण के उपाय

1. राहु मंगल दोष निवारण पूजा

यह विशेष पूजा उज्जैन जैसे पवित्र स्थल पर कराई जाती है। इसमें दोनों ग्रहों की शांति के लिए हवन, मंत्रजाप और अभिषेक किया जाता है।
मुख्य विधियाँ:

  • राहु-मंगल बीज मंत्र जाप
  • राहु मंगल शांति हवन
  • रुद्राभिषेक और नवग्रह शांति यज्ञ

मुख्य मंत्र:

  • “ॐ अंगारकाय नमः” (मंगल के लिए)
  • “ॐ रां राहवे नमः” (राहु के लिए)

यह पूजा योग्य और अनुभवी पंडित द्वारा की जानी चाहिए ताकि ग्रहों का प्रभाव संतुलित हो सके।

2. मंगलवार और शनिवार के व्रत

मंगलवार और शनिवार को व्रत रखना तथा भगवान हनुमान और शनि देव की आराधना करना इस दोष को कम करने में बहुत सहायक है।

3. रत्न धारण करना

कुंडली देखकर योग्य ज्योतिषी की सलाह पर मूंगा (Red Coral) और गोमेद (Hessonite) धारण किया जा सकता है।
ध्यान रहे — दोनों रत्नों को एक साथ न पहनें, क्योंकि राहु और मंगल का संयोजन संतुलन के साथ ही नियंत्रित होता है।

4. उज्जैन में राहु मंगल दोष पूजा

उज्जैन, भगवान महाकाल की नगरी, राहु मंगल दोष पूजा के लिए सबसे शुभ मानी जाती है।
यहाँ योग्य और अनुभवी पंडितों द्वारा विधिवत पूजा कराई जाती है, जिसमें:

  • मंत्रजाप
  • हवन
  • अभिषेक
  • राहु-मंगल यंत्र की स्थापना
    जैसे अनुष्ठान शामिल होते हैं।
    इस पूजा से व्यक्ति के जीवन से क्रोध, अस्थिरता, और संघर्ष खत्म होते हैं और नई ऊर्जा का संचार होता है।

उज्जैन मे पूजा हेतु नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क कर सकते है।

5. दान और सेवा

  • मंगलवार को मसूर दाल, लाल वस्त्र, गुड़ और तांबे का दान करें।
  • शनिवार को काले तिल, उड़द दाल और काले वस्त्र दान करना शुभ रहता है।

राहु मंगल दोष से मुक्ति के लाभ

जब यह पूजा विधिविधान से की जाती है, तो व्यक्ति के जीवन में अनेक सकारात्मक बदलाव आते हैं:

  • मानसिक शांति और धैर्य प्राप्त होता है।
  • विवाह और पारिवारिक जीवन में स्थिरता आती है।
  • व्यापार और करियर में प्रगति होती है।
  • शारीरिक और मानसिक संतुलन बेहतर होता है।
  • क्रोध और असंतोष का प्रभाव कम होता है।

राहु मंगल दोष पूजा का खर्च

राहु मंगल दोष पूजा का खर्च स्थान, विधि और मंत्रजाप की संख्या पर निर्भर करता है।
सामान्यतः उज्जैन में यह पूजा ₹2,500 से ₹51,00 के बीच होती है।
अगर विशेष हवन, रुद्राभिषेक या नवग्रह शांति भी साथ में कराई जाए तो खर्च ₹15,000 तक जा सकता है।

निष्कर्ष

राहु मंगल दोष एक शक्तिशाली योग है जो व्यक्ति के जीवन में अराजकता और असंतुलन ला सकता है।
लेकिन उचित पूजा, व्रत, दान और मंत्रजाप से इसके प्रभाव को पूरी तरह शांत किया जा सकता है।
अगर आप इस दोष से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो उज्जैन में अनुभवी पंडित जी से राहु मंगल दोष निवारण पूजा जरूर करवाएँ।
यह पूजा केवल दोष को शांत नहीं करती, बल्कि जीवन में स्थिरता और शांति भी लाती है।

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